खौलते तेल में पड़ी मैदे की पहली बूंद से ही
अपने एक के सिक्के के सार्थक होने का प्रमाण मिला
कडाही के तल में दिखते अपने पूरे चेहरे में
उस समय की सबसे बड़ी खुशी का अहसास मिला
वो एक का सिक्का
जो मेरे जैसे बहुतो को खुशिया देने वाला था
कई बार बड़े बड़े विवादों का कारण भी बन जाता था
उसे मंदिर में चढ़ाकर हर कोई मुराद पूरी करने को कह जाता था
पर मैं तो उसकी जलेबिया खाकर फिर उसका इंतजार करता
हर उसे पाने को अलग अलग कारण बताने होते थे
सिर्फ उसे ही बचा लेने पर मंडियों में लोग गर्व महसूस करते
मैं अकेला ही नहीं मेरे सारे दोस्त उसे पाने को घर में रोते थे
सिर्फ उसके ही जुड़ जाने से ढेरो पैसे सगुन बन जाया करते
आज मेरे और मेरे जैसे बहुतो के लिए वो भले ही महत्व हीन हो
फिर भी कई आँखे अभी भी उसी के लिए
तरस रही है जिससे वो भी
देख सके खौलते तेल की कडाही में
अपनी सबसे बड़ी खुशी पाने की आश वाला पूरा चेहरा
शैलेन्द्र ऋषि
अपने एक के सिक्के के सार्थक होने का प्रमाण मिला
कडाही के तल में दिखते अपने पूरे चेहरे में
उस समय की सबसे बड़ी खुशी का अहसास मिला
वो एक का सिक्का
जो मेरे जैसे बहुतो को खुशिया देने वाला था
कई बार बड़े बड़े विवादों का कारण भी बन जाता था
उसे मंदिर में चढ़ाकर हर कोई मुराद पूरी करने को कह जाता था
पर मैं तो उसकी जलेबिया खाकर फिर उसका इंतजार करता
हर उसे पाने को अलग अलग कारण बताने होते थे
सिर्फ उसे ही बचा लेने पर मंडियों में लोग गर्व महसूस करते
मैं अकेला ही नहीं मेरे सारे दोस्त उसे पाने को घर में रोते थे
सिर्फ उसके ही जुड़ जाने से ढेरो पैसे सगुन बन जाया करते
आज मेरे और मेरे जैसे बहुतो के लिए वो भले ही महत्व हीन हो
फिर भी कई आँखे अभी भी उसी के लिए
तरस रही है जिससे वो भी
देख सके खौलते तेल की कडाही में
अपनी सबसे बड़ी खुशी पाने की आश वाला पूरा चेहरा
शैलेन्द्र ऋषि
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